खाक से उठाया आपनें मेरे सांवरे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

खाक से उठाया आपने,

मेरे सांवरे,

अपना बनाया आपने,

मेरे सांवरे,

खाक से उठाया आपनें,

मेरे सांवरे.......

सोचता हूँ श्याम बिना,

जिंदगी ये क्या होती,

गम की काली रातों की,

सुबह नहीं होती,

अंधेरों से मुझको,

तुमने निकाला,

जीवन में आया,

बनके उजाला,

खाक से उठाया आपनें,

मेरे सांवरे……

अपना नहीं था कोई,

अपनों का मेला था,

रिश्तों की भीड़ में,

मैं रह गया अकेला था,

बनकर जो आया,

अपना मेरा,

भूलूँ मैं कैसे कर्जा तेरा,

खाक से उठाया आपनें,

मेरे सांवरे……

बस एक अर्जी ये ही,

मुझको निभा लेना,

प्रेम से कन्हैया थोड़ा,

मुस्कुरा देना,

चरणों में गुजरे,

जीवन ये सारा,

दीपक रहे ना,

कोई भी हारा,

खाक से उठाया आपनें,

मेरे सांवरे……

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।