औकात से ज्यादा मुझको दिया है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

औकात से ज्यादा,

मुझको दिया है,

तेरा शुक्रिया है,

तेरा शुक्रिया है,

मैंने जो माँगा,

वो मुझको मिला है,

तेरा शुक्रिया है,

तेरा शुक्रिया है......

बिना पतवार के ही मेरी,

नाव चलाई है,

बना तू सहाई है,

किरपा लुटाई है,

नज़र नहीं आता है मुझको,

पर ये भरोसा था,

मेरा कन्हाई है,

लाज बचाई है,

बनके माझी मेरा बेड़ा,

पार किया है,

तेरा शुक्रिया है,

तेरा शुक्रिया है......

प्रेमियों में हुआ नाम मेरा है,

अहसान तेरा है,

प्रेम ये गहरा है,

सुनले सांवरिया,

थाम लिया जबसे हाथ मेरा है,

सुख का सवेरा है,

चढ़ा रंग तेरा है,

सुनले सांवरिया,

सपना जो देखा था,

साकार किया है,

तेरा शुक्रिया है,

तेरा शुक्रिया है.......

मेरी दरकार तुमने जानी है,

पीड़ पहचानी है,

अपनी ही मानी है,

मेरे सांवरिया,

तेरी सारी दुनिया दीवानी है,

शीश का दानी है,

अजब कहानी है,

मेरे सांवरिया,

मेरे हर गुनाह पे परदा,

तुमने किया है,

तेरा शुक्रिया है,

तेरा शुक्रिया है……

औकात से ज्यादा,

मुझको दिया है,

तेरा शुक्रिया है,

तेरा शुक्रिया है,

मैंने जो माँगा,

वो मुझको मिला है,

तेरा शुक्रिया है,

तेरा शुक्रिया है……

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।