पकड़ लो हाथ कसकर के

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

छुड़ाया हाथ हमने था,

प्रभु गलती हमारी है,

पकड़ लो हाथ कस करके,

यही विनती हमारी है,

छुड़ाया हाथ हमने था,

प्रभु गलती हमारी है......

भूलाकर आपको रिश्ता,

प्रभु गैरो से जोड़ा है,

किया जो आपसे वादा,

उसी वादे को तोडा है,

भटकते फिरते दुनिया में,

बुरी हालत हमारी है,

छुड़ाया हाथ हमने था,

प्रभु गलती हमारी है......

धरम को भूल हम बैठे,

करम अपना बिसारा है,

हमारे ही कुकर्मो ने,

हमारा घर उजाड़ा है,

नहीं ये दोष तेरा है,

यही नियति हमारी है,

छुड़ाया हाथ हमने था,

प्रभु गलती हमारी है......

प्रभु हम जीव कलयुग के,

क्षमा कर दो क्षमा कर दो,

तुम करुणा के सागर,

दया कर दो दया कर दो,

शरण में लेना ना लेना,

प्रभु मर्ज़ी तुम्हारी है,

छुड़ाया हाथ हमने था,

प्रभु गलती हमारी है......

भूला कर भूलों को मेरी,

प्रभु अपनी शरण ले लो,

अँधेरे में तेरा ‘रोमी’,

उजाले की किरण दे दो,

प्रभु हमने उमर अब तक,

अँधेरे में गुजारी है,

छुड़ाया हाथ हमने था,

प्रभु गलती हमारी है.......

छुड़ाया हाथ हमने था,

प्रभु गलती हमारी है,

पकड़ लो हाथ कस करके,

यही विनती हमारी है,

छुड़ाया हाथ हमने था,

प्रभु गलती हमारी है......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।