राम कैसी है तेरी माया

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

मेरे मन में भी राम मेरे तन में भी राम,

रोम रोम में राम समाया राम कैसी है तेरी माया.....

देखो धरती में भी राम आकाश में भी राम,

जरे जरे में राम समाया राम कैसी है तेरी माया,

मेरे मन में भी राम मेरे तन में भी राम......

देखो पतों में भी राम है डाली में भी राम,

सारे फूलों में समाया राम कैसी है तेरी माया,

मेरे मन में भी राम मेरे तन में भी राम.....

देखो चंदा में भी राम देखो सूरज में भी राम,

तारे तारे में राम समाया राम कैसी है तेरी माया,

मेरे मन में भी राम मेरे तन में भी राम.....

देखो ढोलक में भी राम देखो चिमटे में भी राम,

सारे भक्तों में राम समाया राम कैसी है तेरी माया,

मेरे मन में भी राम मेरे तन में भी राम......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।