जबसे तुमसे नजरे मिलाने लगे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

कोई लौटा नहीं खाली,

तेरे दरबार जो आए,

दया की दृष्टि पाकर,

हर दुखी भव सिन्धु तर जाये,

सवाली बनके आया हूँ,

तुम्हारे द्वार पे मैं भी,

तुम्हारी इक नज़र से,

जिंदगी मेरी संवर जाये,

श्याम तेरे दर के हम,

दीवाने हुए,

श्याम तेरे दर के हम,

दीवाने हुए,

जब से तुमसे नजरे,

मिलाने लगे,

श्याम तेरे दर के हम,

दीवाने हुए..

जय श्री श्याम, जय जय श्री श्याम,

जय जय श्याम,

जय श्री श्याम, जय जय श्री श्याम,

जय जय श्याम.....

कैसा रिश्ता बना है,

तेरा मेरा श्याम,

कैसा रिश्ता बना है,

तेरा मेरा श्याम,

तुमको पलकों में हम तो,

बिठाने लगे,

श्याम तेरे दर के हम,

दीवाने हुए...

जय श्री श्याम, जय जय श्री श्याम,

जय जय श्याम,

जय श्री श्याम, जय जय श्री श्याम,

जय जय श्याम......

तेरी चाहत में हम तो,

दीवाने हुए,

तेरी चाहत में हम तो,

दीवाने हुए,

अब तो दर्द सारे दिल के,

तुमको बताने लगे,

श्याम तेरे दर के हम,

दीवाने हुए,

जय श्री श्याम, जय जय श्री श्याम,

जय जय श्याम,

जय श्री श्याम, जय जय श्री श्याम,

जय जय श्याम…….

सुन ले अर्जी तू मेरी,

मेरे सांवरे,

सुन ले अर्जी तू मेरी,

मेरे सांवरे,

मुझको ले लो शरण,

सब ठुकराने लगे,

श्याम तेरे दर के हम,

दीवाने हुए,

जय श्री श्याम, जय जय श्री श्याम,

जय जय श्याम,

जय श्री श्याम, जय जय श्री श्याम,

जय जय श्याम…….

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।