लेकर चरणों में अरदास

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

बाला जी आया हूं पास तुम्हारे,

लेकर चरणों में अरदास,

सच्चा है दरबार यहां संकट सब कटते,

है मन में पूरा यह विश्वास,

बाला जी आया हूं....

दया निधान तुम दया के सागर,

तुम्हारे होते मेरी खाली गागर,

भर दो मेरी झोली खाली,

भर दो राजीव की झोली खाली,

पूरी कर दो मन की आस,

बाला जी आया हूं.....

सालासर तुम्हारा धाम बालाजी,

है सब तीर्थ में खास,

सच्चे मन से यहां जो भी आता,

उसके कष्टों का होता नाश,

बाला जी आया हूं पास तुम्हारे,

लेकर चरणों में अरदास,

सच्चा है दरबार यहां संकट सब कटते,

है मन में पूरा यह विश्वास......

©राजीव त्यागी

नजफगढ़ नई दिल्ली

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।