मेरा आपकी कृपा से-साईं भजन

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॥ पावन पाठ ॥

मेरा/साईं आपकी कृपा से, सब काम हो रहा है ll

*करते हो साईं बाबा, मेरा नाम हो रहा है l

मेरा आपकी कृपा से...,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

पतवार के बिना ही, मेरी नाव चल रही है l

हैरान है ज़माना, मंज़िल भी मिल रही है ll

करता नहीं मैं कुछ भी,,, जय हो ll,

सब काम हो रहा है,,,

मेरा आपकी कृपा से...,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

तुम साथ हो जो मेरे, किस चीज की कमी है l

किसी और चीज की अब, दरकार ही नहीं है ll

तेरे साथ से गुलाम अब,,, जय हो ll,

गुलफाम हो रहा है,,,

मेरा आपकी कृपा से...,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

मैं तो नहीं हूँ काबिल, तेरा पार कैसे पाऊँ l

टूटी हुई वाणी से, गुणगान कैसे गाऊँ ll

तेरी प्रेरणा से ही,,, जय हो ll,

ये कमाल हो रहा हैं,

मेरा आपकी कृपा से...,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

दुनियाँ में होंगे लाखों, तेरे जैसा कौन होगा l

तुझ जैसा बंदा परवर, भला ऐसा कौन होगा ll

पर थामा है तेरा दामन,,, जय हो ll,

आराम मिल रहा है,,,

मेरा आपकी कृपा से...,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

कोई नहीं था मेरा, फिरता था मारा मारा l

बेआसरे को बाबा, तुमने दिया सहारा l

तेरी बदौलतों से,,, जय हो ll,

सब काम हो रहा है,,,

मेरा आपकी कृपा से...,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

मुझे हर कदम डगर पर, तुमने दिया सहारा l

मेरी ज़िन्दगी बदल दी, तुमने करके एक इशारा l

एहसान पे तेरा ये,,, जय हो ll,

एहसान हो रहा है,,,

मेरा आपकी कृपा से...,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

तूफ़ान आंधियों में, तूमने है मुझको थामा l

तुम कृष्णा बन के आए, मैं जब भी बना सुदामा ll

तेरा कर्म ये मुझ पे,,, जय हो ll,

सरेआम हो रहा है,

मेरा आपकी कृपा से...,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

साईं राम बोलो, श्री साईं श्याम बोलो-धुन

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।