सिया बनी दुल्हन दूल्हा रघुराई है

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

सिया बनी दुल्हन दूल्हा रघुराई है,

दूल्हा रघुराई हैं जनक घर आए हैं,

सिया बनी दुल्हन दूल्हा रघुराई है....

किसके सिर पर मुकुट सजो है,

किसकी मोतियन मांग भराई है,

सिया बनी दुल्हन दूल्हा रघुराई है....

राम जी के सिर पर मुकुट सजो है,

सिया जी की मोतियन मांग भराई है,

सिया बनी दुल्हन दूल्हा रघुराई है....

किसके तन पीतांबर सजो है,

किसकी चुनरी में गांठ लगाई है,

सिया बनी दुल्हन दूल्हा रघुराई है....

रामजी के तन पीतांबर सजो है,

सिया जी की चुनरी में गांठ लगाई है,

सिया बनी दुल्हन दूल्हा रघुराई है....

किसके घर में बजी शहनाई है,

किसकी मैया ने रुदन मचाई है,

सिया बनी दुल्हन दूल्हा रघुराई है....

राजा दशरथ घर बजी शहनाई है,

सिया जी की मैया ने रुदन मचाई है,

सिया बनी दुल्हन दूल्हा रघुराई है....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।