शक्ति रूपिणी

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

शक्ति रूपिणी,

मां खड़ग धारिणी,

तेरी सवारी वनराज,

मेरे पूर्ण कीजो काज़,

रखियो मेरी लाज़,

मेरे पूर्ण कीजो काज़....

कालिका रूपिणी,

मां खप्पर धारिणी,

तेरा एक छत्र है राज़,

मेरे पूर्ण कीजो काज़,

रखियो मेरी लाज़,

मेरे पूर्ण कीजो काज़....

लक्ष्मी रूपिणी,

मां पद्म धारिणी,

तेरे शीश स्वर्ण ताज़,

मेरे पूर्ण कीजो काज़,

रखियो मेरी लाज़,

मेरे पूर्ण कीजो काज़....

शारदा रूपिणी,

मां विद्धा दायनी,

तेरे हाथों वीणा साज़,

मेरे पूर्ण कीजो काज़,

रखियो मेरी लाज़,

मेरे पूर्ण कीजो काज़.....

मैया भव तारिणी,

सर्व दुःख हारिणी,

राजीव के पूर्ण कीजो काज़,

रखियो मेरी लाज़,

मेरे पूर्ण कीजो काज़.....

जगत कल्याणी,

मां दुर्गा भवानी,

तुझे पूजे सकल समाज,

सबके पूर्ण कीजो काज़,

रखियो सबकी लाज़,

सबके पूर्ण कीजो काज़,

मैया जी सबके,

पूर्ण कीजो काज़.....

© राजीव त्यागी नजफगढ़

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।