भोलेनाथ चले आओ

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

भोलेनाथ चले आओ,

भक्तों ने पुकारा है,

भोलेनाथ चले आओ,

भक्तों ने पुकारा है….

वृंदावन जाकर के,

गोपीनाथ कहाए हो,

वृंदावन जाकर के,

गोपीनाथ कहाए हो,

भक्तों ने पुकारा है,

भक्तों ने पुकारा है,

हमें तेरा सहारा है,

भोलेनाथ चले आओ,

भक्तों ने पुकारा है,

भोलेनाथ चले आओ,

भक्तों ने पुकारा है…

उत्तराखंड जाकर के,

दीनानाथ कहाए हो,

उत्तराखंड जाकर के,

दीनानाथ कहाए हो,

भक्तों ने पुकारा है,

भक्तों ने पुकारा है,

हमें तेरा सहारा है,

भोलेनाथ चले आओ,

भक्तों ने पुकारा है…..

कैलाश में जाकर के,

भोलेनाथ कहाए हो,

कैलाश में जाकर के,

भोलेनाथ कहाए हो,

भक्तों ने पुकारा है,

भक्तों ने पुकारा है,

हमें तेरा सहारा है,

भोलेनाथ चले आओ,

भक्तों ने पुकारा है………

हरिद्वार में जाकर के,

नीलकंठ कहाए हो,

हरिद्वार में जाकर के,

नीलकंठ कहाए हो,

भक्तों ने पुकारा है,

हमें तेरा सहारा है,

भोलेनाथ चले आओ,

भोलेनाथ चले आओ,

भक्तों ने पुकारा है…..

उज्जैन में जाकर के,

महाकाल कहाए हो,

उज्जैन में जाकर के,

महाकाल कहाए हो,

भक्तों ने पुकारा है,

भक्तों ने पुकारा है,

हमें तेरा सहारा है….

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।