जो वादे हमने किये थे तुमसे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

जो वादे हमने किये थे तुमसे,

वो वादे अपने बदल रहे हैं,

हम पी के माया का मंदिर मोहन,

मचल रहे हैं फिसल रहें हैं।

नो माह माँ के गर्भ में रहकर,

वचन दिया था भजन करूँगा,

सदा चलेंगे सच्चाई पर हम,

पर झूठे पथ पर हम चल रहे हैं।

पाके वेदों का ज्ञान गुरु से,

प्रकाश फेलाये सारे जग मे,

पढ़ी न रामायण और गीता,

अंधेरे पथ पर हम चल रहे हैं।

हमेशा दिनों की दीनता पर,

मुस्कराए ठुकराया उनको,

गुरुर माया का छाया इतना,

पैरो से सबको कुचल रहे हैं।

जब होश आया पटक के सिर को,

पछताए रोये पुकारा तुमको,

"राजेन्द्र"भूलों को याद कर अब,

धीरे -धीरे सम्हल रहे हैं।

गीतकार/गायक-राजेन्द्र प्रसाद सोनी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।