ओ संवारे हमको तेरा सहारा है,

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

ओ संवारे हमको तेरा सहारा है,

तेरी रहमतो से चलता मेरा गुजरा है,

ओ संवारे हमको तेरा सहारा है,

तुमसे जुडी हु है मेरी हर कहानी,

तेरे बरोसे बाबा मेरी जिंदगानी ,

तुम पर ही निर्बर बाबा जीवन ये सारा है ,

ओ संवारे हमको तेरा सहारा है .......

पिता की तरह सिख सिखाई,

माँ की तरह तूने ममता लुटाई,

मेरी गलतियों को बाबा सदा ही बसरा है,

ओ संवारे हमको तेरा सहारा है,

जीवन का जब से तुमने छुआ है,

हर एक लम्हा तब से सुनेहरा हुआ है .

एक एक पल को तुमने प्यार से सवार है ,

ओ संवारे हमको तेरा सहारा है,

रजनी को आप जैसा साथी ना मिले गा ,

बनकर जो साया हरपाल साथ जो चलेगा,

सोनू कहे कोई बाबा तुमसा न प्यारा है,

ओ संवारे हमको तेरा सहारा है,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।