नाम दिल से ना भूलो मईया का

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

नाम दिल से ना भूलो मईया का,

ये भुलाने के काबिल नही,

बडी मुश्किल से नर तन मिला हैं,

यह गवाने के काबिल नहीं हैं,

नाम दिल से ना भूलो मईया का....

चोला अनमोल तुझको मिला हैं,

जिसमें जीवन का फूल खिला हैं,

जिसमें जीवन का फूल खिला हैं,

श्वास गिन गिन के तुझको मिला हैं,

यह गवाने के काबिल नहीं हैं,

नाम दिल से ना भूलो मईया का....

ऐसे अनमोल जीवन को पा कर,

खोज अपनी ना की मन लगा कर,

वो तो मईया के पास जाकर,

मुंह दिखाने के काबिल नहीं हैं,

नाम दिल से ना भूलो मईया का....

बात मानो तो बिल्कुल सही हैं,

सबके हृदय में मईया बसी है,

आत्म का बोध जिसको नहीं हैं,

मुक्ति पाने के काबिल नहीं हैं,

नाम दिल से ना भूलो मईया का.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।