शिव ही रुद्र महेश्वर

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

शिव ही रुद्र महेश्वर,

शिव शिव शिव शिव शंकर,

बम बम भोले रूद्र माहेश्वर ,

तुम ही पारब्रह्मा परमेश्वर,

तुम ही पारब्रह्मा परमेश्वर,

शिव शिव शिव शिव शंकर,

बम बम भोले रूद्र महेशर......

निराकार से ओम ओम से,

तुमने रूप लिया साकार,

गौर वर्ण सुन्दर शरीर,

और नाग बने गले का हार,

शिव शिव शिव शिव शंकर,

बम बम भोले रूद्र महेशर......

चंद्र भाल पर सोहे चंद्र,

और जाता काली घनी,

जिसमे विराजे गंगा मैया,

जिसमे विराजे गंगा मैया,

उनकी शोभा खूब बानी.....

शिव शिव शिव शिव शंकर,

शिव शिव शिव शिव शंकर,

बम बम भोले रूद्र महेशर......

शिव ही शक्ति शक्ति ही शिव,

मिल कर बने है अर्ध नारेश्वर,

सटी पारवती बन कर जन्मी,

शिव ही बने पति परमेशर.....

शिव शिव शिव शिव शंकर,

शिव शिव शिव शिव शंकर,

बम बम भोले रूद्र महेशर......

तुम्ही हो वो दिव्या ज्योत,

जिसने ब्रह्माण्ड बनाया,

ब्रह्मा विष्णु महेश त्रिदेव को,

तुमने ही प्रगटाया है,

शिव शिव शिव शिव शंकर,

बम बम भोले रूद्र महेशर....

सिरजन और संचालन तुमने,

सौपा ब्रह्मा विष्णु को,

और भार संहार का,

तुमने सौप दिया महेश्वर को,

शिव शिव शिव शिव शंकर,

बम बम भोले रूद्र महेशर.....

शिव शिव शिव शिव शंकर,

बम बम भोले रूद्र महेशर,

तुम ही पारब्रह्मा परमेश्वर,

तुम ही पारब्रह्मा परमेश्वर,

शिव शिव शिव शिव शंकर,

बम बम भोले रूद्र महेशर......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।