भक्तो की सुनिए पुकार

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

नफरत की दुनिया में,

हो गया जीना अब दुश्वार,

भक्तो की सुनिए पुकार,

हे अंजनी माँ के लाल आइये,

करने को उद्धार,

भक्तो की सुनिए पुकार,

भक्तो की सुनिए पुकार......

हनुमान जी सुनिए,

भक्तो की ये विनती,

दुःख दर्द से हमको,

दिलवाइये मुक्ति,

हम दुखियारों पे केसरी नंदन,

कर दीजे उपकार,

भक्तो की सुनिए पुकार,

भक्तो की सुनिए पुकार.......

ये दौर है कैसा,

हनुमान जी आया,

चारों तरफ अंधकार,

धरती पे है छाया,

अब बढ़ने लगा है धरती पर,

बेहद ही अत्याचार,

भक्तो की सुनिए पुकार,

भक्तो की सुनिए पुकार.......

हे केसरी नंदन,

कर दे कृपा हम पर,

आए है चौखट पर,

अरदास ये लेकर,

भक्तो की ये अरदास मारुती,

कर लीजे स्वीकार,

भक्तो की सुनिए पुकार,

भक्तो की सुनिए पुकार.......

श्री राम के सेवक,

रघुवीर के प्यारे,

यदि आप चाहें तो,

छट जाए अंधियारे,

दिखलाइये बजरंगी,

कोई ऐसा तो चमत्कार,

भक्तो की सुनिए पुकार,

भक्तो की सुनिए पुकार.......

श्री राम सीता की,

है आपको सौगंध,

कर दीजिये पृथ्वी से,

अब ख़त्म ये आतंक,

हम महाबली हनुमान करेंगे,

आपकी जय जयकार,

भक्तो की सुनिए पुकार,

भक्तो की सुनिए पुकार.......

ईच्छा है बजरंगी,

हो विश्व में शांति,

सुख से रहे जीवन,

कष्टों से हो मुक्ति,

ये आप ही कर सकते हो,

आप की शक्ति अपार,

भक्तो की सुनिए पुकार,

भक्तो की सुनिए पुकार........

नफरत की दुनिया में,

हो गया जीना अब दुश्वार,

भक्तो की सुनिए पुकार,

हे अंजनी माँ के लाल आइये,

करने को उद्धार,

भक्तो की सुनिए पुकार,

भक्तो की सुनिए पुकार……

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।