सालासर का सरदार

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

राम नाम की अमर कहानी,

जपे निरंतर वो बलवानी,

इनकी भक्ति का पाया ना पार है,

जिसके आगे झुकता ये संसार है,

सालासर में ऐसा एक सरदार हैं,

जिसके आगे झुकता ये संसार है……

भूत पिशाच भी दर पे नाचे,

घर घर इनका डंका बाजे,

हनुमान का मन भावन दरबार है,

जिसके आगे झुकता ये संसार है,

सालासर में ऐसा एक सरदार हैं,

जिसके आगे झुकता ये संसार है……

दो चुटकी सिंदूर जो लाये,

बाला उनसे खुश हो जाये,

बिना कहे ही भर देते भंडार है,

जिसके आगे झुकता ये संसार है,

सालासर में ऐसा एक सरदार हैं,

जिसके आगे झुकता ये संसार है……

चैत्र सुदी पूनम का मेला,

लगता है भक्तों का रेला,

दूर दूर से आते नर और नार है,

जिसके आगे झुकता ये संसार है,

सालासर में ऐसा एक सरदार हैं,

जिसके आगे झुकता ये संसार है……

कहता ‘शिवम’ इनको मनालो,

मन चाहा वर इनसे पा लो,

पल में करते भक्तो का उद्धार है,

जिसके आगे झुकता ये संसार है,

सालासर में ऐसा एक सरदार हैं,

जिसके आगे झुकता ये संसार है……

सालासर में ऐसा एक सरदार है,

जिसके आगे झुकता ये संसार है,

सच्ची सरकार है सच्चा दरबार है,

सालासर में ऐसा एक सरदार हैं,

जिसके आगे झुकता ये संसार है……

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।