मेरा छोड़ दे दुपट्टा नंदलाल

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मेरा छोड़ दे दुपट्टा नंदलाल,

सवेरे दहिया लेके आऊंगी....

ना माने तो मेरा टीका रख ले,

जामे मीना जड़े है हजार,

सवेरे दहिया लेके आऊंगी,

मेरा छोड़ दे दुपट्टा नंदलाल....

ना माने तो मेरा हरवा रख ले,

जामे डायमंड जड़े है हजार,

सवेरे दहिया लेके आऊंगी,

मेरा छोड़ दे दुपट्टा नंदलाल.....

ना माने तो मेरा कंगना रख ले,

जामे हीरा जड़े है हजार,

सवेरे दहिया लेके आऊंगी,

मेरा छोड़ दे दुपट्टा नंदलाल.....

ना माने तो मेरी तगड़ी रख ले,

ना माने तो मेरा गुच्छा रख ले,

जामे मीना जड़े है हजार,

सवेरे दहिया लेके आऊंगी,

मेरा छोड़ दे दुपट्टा नंदलाल....

ना माने तो मेरी पायल रख ले,

ना माने तो मेरे बिछुए रख ले,

यामे मीना लगे है हजार,

सवेरे दहिया लेके आऊंगी,

मेरा छोड़ दे दुपट्टा नंदलाल....

ना माने तो मेरी साड़ी रख ले,

ना माने तो मेरी चुंदर रख ले,

जामे गोटा जड़े है हजार,

सवेरे दहिया लेके आऊंगी,

मेरा छोड़ दे दुपट्टा नंदलाल......

ना माने तो मेरे दिल को रख ले,

जामे बैठे बिहारी लाल,

सवेरे दहिया लेके आऊंगी,

मेरा छोड़ दे दुपट्टा नंदलाल.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।