सफर श्याम संग

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

सुना है तो कांटो में भी फूल खिला देता है,

बिछड़े हुए अपनों को भी पल में मिला देता है,

जो अत है तेरे दर पे खाली झोली,

कृपा से अपनी सांवरे भर भर के लुटा देता है।

आया हूँ तेरे दर पे झोली मैं फैला के,

क्या मांगू मैं तुझसे ये तू ही ये बता दे,

जीवन के इस सफर में मुझे राह दिखा दे,

तेरा नाम ही काफी क्या मुझको ये बता दे....

मैं तो अनजान हूँ जानू ना रीत को,

मैं हारता ही आया देखा ना जीत को,

अरदास मेरी सांवरे चरणों में जगा दे,

बस श्याम तेरे गीतों को होंठो पे सजा दे....

एक तू ही सहारा है मेरे यास सांवरे,

रोके तुझे पुकारा सरकार सांवरे,

अब कोई ना हमारा खाटू में पनाह दे,

इस मन का ख्वाब तेरा दीदार करा दे....

सब को दिया तूने मैं भी तो तेरा हूँ,

तू कुञ्ज है प्रकाश का मैं तो अँधेरा हूँ,

तेरी कृपा की नज़रें राहुल पे उठा दे,

आकाश में बदल है बरसात करा दे.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।