चाकरी में थारी बाबा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

चाकरी में थारी बाबा ठाकरी सी मौज,

किस्मत वाला थारी चाकरी ढूंढ ही लेवे रोज....

चाकरी में थारी बाबा ठाकरी सी मौज,

किस्मत वाला थारी चाकरी ढूंढ लेवे रोज,

चाकरी में थारी बाबा ठाकरी सी मौज,

चाकरी में थारी बाबा ठाकरी सी मौज…...

थारे होतां सेवक ने कोई चिंता नहीं सतावे,

कदे ना डोले सेवक थारा सुख दुःख आवे जावे,

हँस हँस करे वो सेवा थारी कदे ना समझे बोझ,

चाकरी में थारी बाबा ठाकरी सी मौज,

चाकरी में थारी बाबा ठाकारी सी मौज……

थारी रजा में सेवक राजी सुन हो श्याम मिजाजी,

थारी कृपा से बीत रह्यो है जीवन की हर बाजी,

अपने प्रेमी ने तू बाबा जग में लेवे खोज,

चाकरी में थारी बाबा मेरे सरकार,

चाकरी में थारी बाबा ठाकारी सी मौज…..

रोमी भी या करी चाकरी नित उठ रोज बजावे,

थारी सेवा करके बाबा जो चावे सो पावे,

आज भी थारे दर पे खड़ी है

आज भी थारे दर पे खड़ी है सेवकिया री फौज,

चाकरी में थारी बाबा ओ बाबा ठाकरी सी मौज,

चाकरी में थारी बाबा ठाकारी सी मौज……

चाकरी में थारी बाबा ठाकरी सी मौज,

किस्मत वाला थारी चाकरी ढूंढ लेवे रोज,

चाकरी में थारी बाबा ठाकरी सी मौज,

चाकरी में थारी बाबा ठाकरी सी मौज……

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।