साँवरिया मुझे दर्शन करा दे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

सांवरिया मुझे दर्शन करा दे,

सांवरिया मुझे दर्शन करा दे,

दरस की प्यासी मैं हूँ,

तेरी अभिलाषी मैं हूँ,

चरणों की दासी को तू,

सुरत दिखा दे,

सांवरिया मुझे दर्शन करा दे,

सांवरिया मुझे दर्शन करा दे.....

मैंने सुना है श्याम,

बड़ा ही दयालु है,

करुणामयी है श्याम,

तू ही कृपालु है,

मुझे नशा है तुझे,

याद करने का,

ए मेरे सांवरिया,

और ये नशा मैं,

सरेआम करती हूँ,

पूछते हैं लोग,

कितना प्यार है तुझे,

सांवरिया से,

मैंने कहा,

अगर बारिश की बूंदें,

गिन सकते हो,

तो बस उतना,

मैंने सुना है श्याम,

बड़ा ही दयालु है,

करुणामयी है श्याम,

तू ही कृपालु है,

नांव मंझधार में है,

पार करदे या डूबा दे,

सांवरिया मुझे दर्शन करा दे,

सांवरिया मुझे दर्शन करा दे......

नैना व्याकुल हैं,

तुझको देखने को,

नैना व्याकुल हैं,

एक बारी देख लूँ जो,

चैन आ आए मन को,

गम ने हँसने ना दिया,

जमाने ने रोने ना दिया,

इस उलझन में,

चैन से सोने ना दिया,

थक के सितारों से पनाह ली,

जो नींद आई श्याम तेरे,

याद में सोने ना दिया,

नैना व्याकुल हैं,

तुझको देखने को,

नैना व्याकुल हैं,

एक बारी देख लूँ जो,

चैन आ आए मन को,

मेरी उलझी हुई,

जिन्दगी को सुलझा दे,

सांवरिया मुझे दर्शन करा दे,

सांवरिया मुझे दर्शन करा दे.....

सोना चांदी मैं,

तुझसे ना मांगू श्याम,

इक तू मिल जाए,

बन जाए सारे काम,

जिसमें तू नहीं है वो,

तमन्ना अधूरी है,

तू जो मिल जाए श्याम,

तो जिंदगी ये पूरी है,

तेरे साथ जुडी हैं खुशियाँ मेरी,

बाकी सबके साथ हँसना तो,

मजबूरी है,

सोना चांदी मैं,

तुझसे ना मांगू श्याम,

इक तू मिल जाए,

बन जाए सारे काम,

तू जिताता है उसको,

जिनको दुनिया हरा दे,

सांवरिया मुझे दर्शन करा दे,

सांवरिया मुझे दर्शन करा दे.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।