नी मै श्याम दी दीवानी आज होई

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

नी मैं श्याम दी दीवानी आज होई,

लोकी मैनु ताने मार दे.....

दस नन्दलाल वे मेरे तो होया की कसूर वे,

अखिया दा नूर बसे अखिया तो दूर वे,

मै ता लाल शरम वाली होई,

लोकी मैनु ताने मार दे.....

सांवरे दे प्यार नाल तर जान अखियाँ,

मीरा वांगू पी जावा जहर दिया बटिया,

मैं ता ओहदे प्रेम विच रोई,

लोकी मैनु ताने मार दे.....

सांवरे दे प्यार विच अखियाँ बिछावागी,

सांवरे नु दिल वाला हाल सुनावागी,

मेरा तेरे बिना ना कोई,

लोकी मैनु ताने मार दे.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।