माई मेरी माई

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

मेरी माई ओ मेरी माई,

नाम तेरा बड़ा सुखदाई

मेरी माई ओ मेरी माई.....

राह सूझी ना कोई,

तो थामी एक डगर,

नाम तेरा लेकर,

अथक चला अविरल,

किया पूर्ण मैनें सफ़र,

किया पूर्ण मैनें सफ़र,

मैं पहुंचा तेरे दर,

मेरी माई ओ मेरी माई.....

ना रही कोई चिंता,

मुझको रहा ना कोई डर,

जब से रख दिया मैया जी,

चरणों में तेरे मैनें अपना सर,

चरणों में रख दिया सर,

अब तो मेरी वही बसर,

मेरी माई ओ मेरी माई.....

अब तो मेरी वही बसर,

रखना मुझ पे मेहर मैया जी,

रखना राजीव पे मेहर मैया जी,

सदा रखना कर्म ए नज़र,

मेरी माई ओ मेरी माई,

नाम तेरा बड़ा सुखदाई.......

©राजीव त्यागी

नजफगढ़ नई दिल्ली

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।