बागों मे कोयल गाए

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

बागों में कोयल गाए कान्हा गीत तुम्हारे,

वृंदावन और बरसाना भी बात यही दोहराएं, कान्हा गीत तुम्हारे.....

यमुना की धारा तेरी दीवानी,

नाम तेरा ले बहता पानी,

लहरें भी गाती जाए कान्हा गीत तुम्हारे,

बागों में कोयल गाए कान्हा गीत तुम्हारे.....

कलियों के मुख पर नाम है तेरा,

नाम सुबह और शाम है तेरा,

पत्ते भी गाते जाए कान्हा गीत तुम्हारे,

बागों में कोयल गाए गाना गीत तुम्हारे.....

पेड़ों की आंखें झूम रही है,

नाम तेरा ले झूम रही हैं,

ये 'सुमन' भी गाता जाए कान्हा गीत तुम्हारे,

बागों में कोयल गाए कान्हा गीत तुम्हारे......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।