तु मन की अति भोरि

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तु मन की अति भोरी ओ मईया मोरी तू मन की अति भोरी,

जा को घर भरियो दही माखन सू,

वो क्यो करन लग्यो चोरी,

ओ मईया मोरी तू मन की अति भोरी,

ना काहु को माखन खायो ना कोई मटकी फोडी,

मोरे मुख माखन मल के रे सनमुख,

लाई अहीर की छोरी,

ओ मईया मोरी तू...

दिन दिन भर मे तो धेनु चरावत करत चाकरी तोरी,

फिर उपर से वाकी सुनत है ,

झुठी कहानी जोरी,

ओ मईया मोरी तू मन की अति भोरी....

Rashid mayur 9672602462

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।