उमरिया तेरी धोखे में बीत गई

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

उमरिया तेरी धोखे में बीत गई,

ना‌ लियों राम को नाम....

बालापन हर्ष खेल गमायो,

जवानी गई बुढ़ापा आयो,

जा तीरिया से नेह लगायो तेरे वो भी ना संग गई,

ना लियों राम का नाम.....

16-17 तेरी गई रे खेल में,

20 गई तेरी मध्य की जेल में,

30 40 तिरिया के खेल में 55 बीत गई,

ना लियों और राम का नाम.....

अब तो जाग पड़ा क्यों सोवे,

सोने से कछु काम ना होवे,

कर्म लिखी को कहां तक हो गए तेरी नाडी नाट गई,

ना लियों राम का नाम.....

स्याही जाए सफेदी आवे,,

तन की खाल सुकड़ सब जावे,

बंदर जैसा मुख हो जावे तेरी डगमग नाड हिली,

ना लियों राम का नाम.......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।