घनश्याम तेरी इस नगरी में

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

घनश्याम तेरी इस नगरी में ये सारी दुनिया बहुत दुखी,

कोई मन से दुखी कोई तन से दुखी,

कोई जानबूझकर आप दुखी,

घनश्याम तेरी इस नगरी में.....

एक राजा सुखी एक रानी सुखी,

जब राज छूट जाए दोनों दुखी,

घनश्याम तेरी इस नगरी में.....

एक सेठ सुखी एक सेठानी सुखी,

जब धन लुट जाए तो दोनों दुखी,

घनश्याम तेरी इस नगरी में.....

एक सूरज सुखी एक चंद्रा सुखी,

जब ग्रहण पड़े तो दोनों दुखी,

घनश्याम तेरी इस नगरी में.....

एक मछली सुखी एक मेंढक सुखी,

जब ताल सूख जाए दोनों दुखी,

घनश्याम तेरी इस नगरी में.....

एक गंगा सुखी एक जमुना सूखी,

जब नहान पड़े तो दोनों दुखी,

घनश्याम तेरी इस नगरी में.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।