काली चला रहीं तलवार

पारंपरिक
महादेव भजन दुर्गा भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

काली चला रहीं तलवार,

चंड मुंड पकड़ पकड़ के मारे....

जब काली रणभूमि में आई,

वो कर रही असूरो का नाश,

चंड मुंड पकड़ पकड़ के मारे.....

जब काली कलकत्ते में आई,

उनके चरणों में लेटे भोले नाथ,

चंड मुंड पकड़ पकड़ के मारे......

जब भोले पैरों में पड़ गए,

काली का हो गया गुस्सा शांत,

चंड मुंड पकड़ पकड़ के मारे......

जब काली किर्तन में आई,

भगतो काली कर दिया बेड़ा पार,

चंड मुंड पकड़ पकड़ के मारे......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।