दुःख में भले सिमरन करूं

पारंपरिक
विष्णु भगवान भजन विष्णु भजन vishnu
॥ पावन पाठ ॥

तू ही मेरे मन की थाह जानता है,

मुक्ति की मेरी राह जानता है,

दुःख में भले सिमरन करूं,

ना कभी सुख में भुलाऊं,

ऐसे मुझमें जज्बात रखना,

भगवन मुझे सदैव अपने,

चरणों के साथ रखना.....

कृपा से तुम्हारी चाहा पाऊँ,

पाकर मन की ना इतराऊं,

ऐसी मुझमें औकात रखना,

भगवन मुझे सदैव अपने,

चरणों के साथ रखना.....

हर पल तेरा शुक्र मनाऊं,

महिमा यशश्वी सदैव मैं गाऊँ,

ऐसे सेवादारों की जमात रखना,

भगवन मुझे सदैव अपने,

चरणों के साथ रखना......

किस्मत वाला ही दर पे आता है,

आकर शरण में खुशियां वो पाता है,

भक्ति भरी मुझमें सौगात रखना,

भगवन मुझे सदैव अपने,

चरणों के साथ रखना,

भगवन राजीव को सदैव,

अपने चरणों के साथ रखना......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।