तेरी जय हो भवानी शेरावाली

पारंपरिक
महादेव भजन दुर्गा भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

तेरी जय हो भवानी शेरावाली,

तेरी जय हो भवानी शेरावाली,

हो तेरी जय शिव रानी शेरावाली,

हो तेरी जय शिव रानी शेरावाली,

जय हो जय हो जय हो जय हो,

जय हो जय हो माता दी......

जय माता जय माता जय माता,

तेरी ज्योत अमर है शेरावाली,

तेरी ज्योत अमर है शेरावाली,

तेरी ज्योत अमर है शेरावाली,

तेरी सब पे मेहर है शेरावाली,

तेरी सब पे मेहर है शेरावाली.....

तेरी ज्योत अमर है शेरावाली,

तेरी जय हो भवानी शेरावाली,

जय हो जय हो माता दी…..

जय माता जय माता जय माता,

तेरा ऊँचा भवन है शेरावाली,

तेरा ऊँचा भवन है शेरावाली,

जिसे चूमे गगन है शेरावाली……

तेरी ज्योत अमर है शेरावाली,

तेरी जय हो भवानी शेरावाली,

जय हो जय हो जय हो जय हो,

जय हो जय हो जय हो माता दी……

जय माता जय माता तू है आदि शक्ति शेरावाली,

तू है आदि शक्ति शेरावाली,

भाये तेरी भक्ति शेरावाली,

तेरी जय हो भवानी शेरावाली,

जय हो जय हो जय हो जय हो,

जय हो जय हो जय हो माता दी……

जय माता जय माता मैं हूँ तेरी जोगन शेरावाली,

तेरे दर की पुजारन शेरावाली,

तेरे दर की पुजारन शेरावाली,

तेरी जय हो भवानी शेरावाली,

जय हो जय हो जय हो जय हो,

जय हो जय हो जय हो माता दी………

तेरी शान निराली शेरावाली,

तू है जग रखवाली शेरावाली,

तेरी जय हो भवानी शेरावाली,

जय हो जय हो जय हो जय हो,

जय हो जय हो जय हो माता दी……

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।