माँ तुम कहाँ पे रहती हो

पारंपरिक
श्री राम भजन दुर्गा भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

ब्रामाण्ड मे रहती हो या गुफा में रहती हो,

इतना तो बतादो माँ तुम कहाँ पे रहती हो......

मैया दिन बना है कैसे,

हुआ इतना उजाला कैसे,

अंखियो की रोशनी है या दीप जलाती हो,

ब्रामाण्ड मे रहती हो या गुफा में रहती हो.....

मैया रात बनी है कैसे,

हुआ इतना अँधेरा कैसे,

तुम काजल लगाती हो बालों को लहराती हो,

ब्रामाण्ड मे रहती हो या गुफा में रहती हो......

माँ पृथ्वी है तेरी थाली,

आकाश है तेरी छतरी,

क्या सूरज खिलौना है या चन्द्रमा खिलौना है,

ब्रामाण्ड मे रहती हो या गुफा में रहती हो......

हुआ फिर निर्माण माँ कैसे,

हुआ फिर विस्ताना कैसे,

तुम छलिया नारी हो या रूप बदलती है,

ब्रामाण्ड मे रहती हो या गुफा में रहती हो.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।