तेरा मेहंदीपुर स दूर

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

मेरे बाबा, तेरा मेहंदीपुर स दूर,

भगतणी प्यासी दर्शन की,

मेरे बाबा, तेरा मेहंदीपुर स दूर,

भगतणी प्यासी दर्शन की,मेरे बाबा,

तेरा मेहंदीपुर स दूर,

भगतणी प्यासी दर्शन की.......

मन पंछी बण बण भागे,

मन पंछी बण बण भागे,

जिया तेरे बिना ना लागे,

जिया तेरे बिना ना लागे,

हो मेरे बाबा, चेहरे का झड़ गया नूर,

भगतणी प्यासी दर्शन की,

मेरे बाबा, चेहरे का झड़ गया नूर,

भगतणी प्यासी दर्शन की,

मेरे बाबा, तेरा मेहंदीपुर स दूर,

भगतणी प्यासी दर्शन की.......

हो मेरी अँखियाँ रो रो झरती,

हो मेरी अँखियाँ रो रो झरती,

तेरे दर्शन की मारी मरती,

तेरे दर्शन की मारी मरती,

हो मेरे बाबा, सूं घणी मजबूर,

भगतणी प्यासी दर्शन की,

मेरे बाबा, तेरा मेहंदीपुर स दूर,

भगतणी प्यासी दर्शन की........

कुणसा करम अगाडी अड़ ग्या,

कुणसा करम अगाडी अड़ ग्या,

सारा उल्टा पासा पड़ ग्या,

सारा उल्टा पासा पड़ ग्या,

हो मेरे बाबा, मन्ने कुणसा करयां कसूर,

भगतणी प्यासी दर्शन की,

मेरे बाबा, तेरा मेहंदीपुर स दूर,

भगतणी प्यासी दर्शन की......

कृष्ण लाल झाल सी उठे,

कृष्ण लाल झाल सी उठे,

अमृत राम नाम का घोटे,

अमृत राम नाम का घोटे,

हो मेरे बाबा, तेरे यो कुणसा दस्तूर,

भगतणी प्यासी दर्शन की,

मेरे बाबा, तेरा मेहंदीपुर स दूर,

भगतणी प्यासी दर्शन की,

मेरे बाबा, तेरा मेहंदीपुर स दूर,

भगतणी प्यासी दर्शन की,

मेरे बाबा, तेरा मेहंदीपुर स दूर,

भगतणी प्यासी दर्शन की,मेरे बाबा,

तेरा मेहंदीपुर स दूर,

भगतणी प्यासी दर्शन की.......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।