दुनिया से मैं हारा हूं बाबा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तर्ज़ - रो रो कर फरियाद करा

दुनिया से मैं हारा हूं बाबा,

अब तो लाज बचा जा रे,

तेरे बिना मैं रहूं ना बाबा,

अब तो दरस दिखा जा रे,

दुनिया से मैं हारा हूं बाबा.......

यो जग सारो सुख को साथी,

दुख में ना धीर बँधावेगों,

दुनिया सारी देर लगावे,

पर यो दोड़यो आवेगों,

इसीलिए तो थापे भरोसो,

तू ना देर लगावेगों,

दुनिया से मैं हारा हूं बाबा,

अब तो लाज बचा जा रे......

मेरी नैया को यो मांझी,

भव से पार लगावेगों,

दीन दुखी ओर बेबस हु मैं,

सर पे हाथ फिरावेगों,

काल रात सु सुपनो आवे,

खाटू नगर बुलावेगों,

दुनिया से मैं हारा हूं बाबा,

अब तो लाज बचा जा रे.......

जग की सारी झूठी है माया,

यहां ना कोई हमारो है,

अपनो परायो करती या दुनिया,

श्याम धनी ही मारो है,

"कविराज" की अर्ज़ है बाबा,

आज सु ओ तो थारो है,

दुनिया से मैं हारा हूं बाबा,

अब तो लाज बचा जा रे......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।