अरी वो तो खोल खिड़कियां आए गयो

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

अरी वो तो खोल खिड़कियां आए गयो,

मेरो सारो माखन खाए गयो.....

नाए पत्तो लगी सखी कब आयो,

माखन खायो, कुछ फेलायो,

आरी द्वारे तक कुंड लगाए गयो,

मेरो सारो माखन खाए गयो,

अरी वो तो खोल खिड़कियां....

बड़ो इंतजाम मैने कियो,

छींके पे माखन धर दियो,

अरे जाने कैसे पत्तो लगाए लियो,

मेरो सारो माखन खाए गयो,

अरी वो तो खोल खिड़कियां....

घर वाले दोष मोए दे रहे है,

मोहे उल्टी सीधी कह रेयो,

अरे मेरे घर में कले कराए गयो,

मेरो सारो माखन खाए गयो,

अरी वो तो खोल खिड़कियां....

भैया सो रहे दरवाजे पे,

भाभी सो रही चौबारे पे,

अरे जाने कहा से कूद के आए गयो,

मेरो सारो माखन खाए गयो,

अरी वो तो खोल खिड़कियां....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।