बाबा तू किरपा करदे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

बाबा तू किरपा करदे तो मैं भी रेट बढ़ा दूंगा,

लम्बी सी गाड़ी लेकर के जय श्री श्याम लिखा दूंगा,

तेरे नाम के जयकारे मैं गली गली लगवा दूंगा,

बाबा तू किरपा करदे तो मैं भी रेट बढ़ा दूंगा,

बाबा तू किरपा करदे.....

कोई प्रेमी पूछे जो के कीर्तन का क्या लेते हो,

पेमेंट और आने जाने की,

पेमेंट और आने जाने खाने की लिस्ट थमा दूंगा,

बाबा तू किरपा करदे तो मैं भी रेट बढ़ा दूंगा,

बाबा तू किरपा करदे......

प्रेमी जो बोले कि एक छोटा सा कीर्तन करना है,

सौ पचास लोगों में कीर्तन,

सौ पचास लोगों में कीर्तन ना करते बतला दूंगा,

बाबा तू किरपा करदे तो मैं भी रेट बढ़ा दूंगा,

बाबा तू किरपा करदे.......

प्रेमी जो बोले भैया एक नया भजन सुना दो जी,

किसी और कि रचना गाकर,

किसी और कि रचना गाकर अपना नाम लगा दूंगा,

बाबा तू किरपा करदे तो मैं भी रेट बढ़ा दूंगा,

बाबा तू किरपा करदे.......

बाबा बैठे सोच रहे जो मैं अपनी पे आया तो,

आसमान पे उड़ने वाले,

आसमान पे उड़ने वाले पल में धरा पे ला दूंगा,

रे नादान तू भक्ति कर मैं खुद ही रेट बढ़ा दूंगा,

बाबा तू किरपा करदे.......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।