ढिंढोरा श्याम नाम का

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

ढिंढोरा पिटवा दूंगा छपवा दूंगा अखबार में,

मैं ढिंढोरा पिटवा दूंगा छपवा दूंगा अखबार में,

सांवरिया सा सेठ कोई दूजा ना संसार में,

मेरे सांवरिया सा सेठ कोई दूजा ना संसार में.....

जो भी खाटू आता है दीवाना सा हो जाता है,

झोली छोटी पड़ जाती ये इतना माल लुटाता है,

हर दम पार लगाईं नैया छोड़े ना मझधार में,

सांवरिया सा सेठ कोई दूजा ना संसार में,

मेरे सांवरिया सा सेठ कोई दूजा ना संसार में.......

अपने दिल की बातें जो मेरे श्याम प्रभु से करता है,

सेठ सांवरा खाटूवाला उसका दामन भरता है,

हर वादा पूरा होता मेरे श्याम की सरकार में,

सांवरिया सा सेठ कोई दूजा ना संसार में,

मेरे सांवरिया सा सेठ कोई दूजा ना संसार में......

जो चाकर सांवरिया का उसके ठाठ निराले हैं,

सारी चिंता दूर करे ऐसे खाटूवाले हैं,

ढोल बजाके सोनू लक्खा जाएगा दरबार में,

सांवरिया सा सेठ कोई दूजा ना संसार में,

मेरे सांवरिया सा सेठ कोई दूजा ना संसार में.......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।