दस माईऐ तेरी दुनिया अन्दर

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

दस माईऐ तेरी दुनिया अन्दर मै कीदा इतबार करां,

मै फुलां नु गल नाल लांवा या कडेंया नाल प्यार करा,

दस माईऐ तेरी दुनिया अन्दर मै कीदा इतबार करा......

दुश्मन वार करन ते आखां पर की आखां यारा नु,

दामन विच लुकोई फिरदा मै पथ दे अंगीयारा नु,

किनु दिल हाल सुनावां ओला दिल दा पार करां,

मै फुलां नु गल नाल लांवा या कडेंया नाल प्यार करा,

दस माईऐ तेरी दुनिया अन्दर मै कीदा इतबार करा.....

जे दिल खोल दिखावां अपना दुनिया खिड़ खिड़ हसँदी ऐ,

जे मै चुप करके बै जांवा मेरे तां आवाजा कसदी ऐ,

तूहीओ दस बुलां नु सी लां या गम दा इजहार करां,

मै फुलां नु गल नाल लांवा या कडेंया नाल प्यार करा,

दस माईऐ तेरी दुनिया अन्दर मै कीदा इतबार करा......

सच बोला ते मिलन सजावां झूठ दीया पौ बाराहं ने,

झूठ ते करन सलामा लोकी सच नु रब दीयां मारा ने,

चचंल आवे ते सच बोले या झूठ दा प्रचार करां,

मै फुलां नु गल नाल लांवा या कडेंया नाल प्यार करा,

दस माईऐ तेरी दुनिया अन्दर मै कीदा इतबार करा......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।