मेरे राम लखन दो प्यारे

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

मेरे राम लखन दो प्यारे प्यारे,

दशरथ की आँख के तारे,

और सीता माँ का क्या कहना क्या कहना....

जन्मो जन्मों के फल से इनके दर्शन हमें होते हैं,

पूजा नहीं जिनने इनको उनके भाग सदा सोते हैं,

मीले इनका जो प्यार हो हर छन बहार,

अरे इनके चरण में नित रहना नित रहना....

हम दीपक है ये बाती जाकी जोत जले दिन राती,

ये तो हैं चन्दा सूरज और हम धरती के वासी,

करें मिलके पुकार प्रभु हमको निहार,

तुझसे बस इतना कहना है कहना.....

इनकी पूजा मे "राजेन्द्र" जो इतना कर पाएं,

श्रद्धा सुमन चढ़ाकर वो भव सागर तर जायें,

अरे ये है तारन हार देंगे सबको उबार,

इनकी सेबा में सब रहना सब रहना.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।