जय माता दी बोल प्यारे

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

जय माता दी बोल प्यारे जय माता दी बोल,

नाम बड़ा अनमोल माँ का नाम बड़ा अनमोल,

जय माता दी बोल प्यारे जय माता दी बोल,

तू भी सुमिरन करले बन्दे,

तू भी सुमिरन करले बन्दे मन की आंखे खोल,

जय माता दी बोल प्यारे जय माता दी बोल......

ये है ऐसी लाभ की पूँजी जिसको चोर ना लुटे,

जिसको चोर ना लुटे, जिसको चोर ना लुटे,

लग्न लगाई जिसने सच्ची भव बन्धन से छूटे,

भव बन्धन से छूटे, भव बन्धन से छूटे,

मोहमाया का तोड़ के पिंजरा,

मोहमाया का तोड़ के पिंजरा जीवन मे रस घोल,

जय माता दी बोल प्यारे जय माता दी बोल....

मोल दाम ना लागे कोई नाम खजाना बरसे,

नाम खजाना बरसे, नाम खजाना बरसे,

भाग्यवान तो झोली भरते बुद्धिहीन है तरसे,

बुद्धिहीन है तरसे, बुद्धिहीन है तरसे,

समय नियम से चलते रहना,

समय नियम से चलते रहना खुद को जरा टटोल,

जय माता दी बोल प्यारे जय माता दी बोल......

सुमिरन करके रोशन करले जीवन का अंधियारा,

जीवन का अंधियारा, जीवन का अंधियारा,

मौका ये इक बार मिले फिर मिलता नही दुबारा,

मिलता नही दुबारा, मिलता नही दुबारा,

जन्म से पहले वादा किया था,

जन्म से पहले वादा किया था याद वो करले बोल,

जय माता दी बोल प्यारे जय माता दी बोल......

नाम मे इतनी शक्ति है कि विरला ही कोई जाने,

विरला ही कोई जाने, विरला ही कोई जाने,

जिसने माँ का नाम लिया है कृपा करदी माँ ने,

कृपा करदी माँ ने, कृपा करदी माँ ने,

तू भी जप ले नाम मईया का,

तू भी जप ले नाम मईया का जय माता की बोल,

जय माता दी बोल प्यारे जय माता दी बोल......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।