आई खाटू माहीं

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

थाने देख बा ने बाबा,

आई खाटू माहीं,

ओ थाने देख बा ने बाबा,

आई खाटू माहीं,

हो, खाटू माहीं जी बाबा,

खाटू माई,

ओ थाने देख बा ने बाबा,

आई खाटू माहीं......

थारा दर्शन को बाबा,

चाह है भारी,

सूरत या थारी म्हारे,

मन बस गई,

म्हाने ले चालो जी,

खाटू धाम नगरी,

हो, धाम नगरी जी बाबा,

श्याम नगर,

म्हाने ले चालो जी,

खाटू धाम नगरी.......

म्हाने बेगो बुला ले बाबा,

खाटू नगरी,

बाट निहारुँ थारी,

बाबा श्याम जी,

थाने देख बा ने बाबा,

आई खाटू माहीं,

ओ थाने देख बा ने बाबा,

आई खाटू माहीं,

हो, खाटू माहीं जी बाबा,

खाटू माई,

ओ थाने देख बा ने बाबा,

आई खाटू माहीं......

खाटू को राजा म्हारो,

शीश को दानी,

हारया की करते बाबा,

मन की सगळी,

म्हाने ले चालो जी,

खाटू धाम नगरी,

हो, धाम नगरी जी बाबा,

श्याम नगर,

म्हाने ले चालो जी,

खाटू धाम नगरी......

थाने ओ बाबा म्हारा,

अविनाश ध्यावे,

म्हाने भी बसा ले बाबा,

थारी नगरी,

म्हाने ले चालो जी,

खाटू धाम नगरी,

हो, धाम नगरी जी बाबा,

श्याम नगर,

म्हाने ले चालो जी,

खाटू धाम नगरी......

थाने देख बा ने बाबा,

आई खाटू माहीं,

ओ थाने देख बा ने बाबा,

आई खाटू माहीं,

हो, खाटू माहीं जी बाबा,

खाटू माई,

ओ थाने देख बा ने बाबा,

आई खाटू माहीं......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।