मोल लगे ना कोई दाम बोलो जय श्री श्याम

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

जय श्री श्याम, बोलो जय श्री श्याम,

जय श्री श्याम,

बोलो जय श्री श्याम,

मोल लगे ना, कोई दाम,

जय श्री श्याम, बोलो जय श्री श्याम,

हारे का सहारा, जय श्री श्याम,

साथ दे हमारा, जय श्री श्याम,

सबको है प्यारा, जय श्री श्याम,

लगा जयकारा, जय श्री श्याम,

जय श्री श्याम, बोलो जय श्री श्याम,

जय श्री श्याम, बोलो जय श्री श्याम,

मोल लगे ना, कोई दाम,

जय श्री श्याम, बोलो जय श्री श्याम…………..

संकट नाशक, जय श्री श्याम,

संतन के पालक, जय श्री श्याम,

हम तेरे बालक, जय श्री श्याम,

खाटू के शाषक, जय श्री श्याम,

जय श्री श्याम, बोलो जय श्री श्याम,

जय श्री श्याम, बोलो जय श्री श्याम,

मोल लगे ना, कोई दाम,

जय श्री श्याम, बोलो जय श्री श्याम…………

शीश के दानी का जप ले नाम,

बाबा वरदानी का जप ले नाम,

नीले घोड़े वाले का, जप ले नाम,

रींगस वाले का जप ले नाम,

जय श्री श्याम, बोलो जय श्री श्याम,

जय श्री श्याम, बोलो जय श्री श्याम,

मोल लगे ना, कोई दाम,

जय श्री श्याम, बोलो जय श्री श्याम………

लखदातार का जप ले नाम,

मोरछड़ी धारी का जप ले नाम,

तीन बाण धारी का जप ले नाम,

श्याम बिहारी का जप ले नाम,

जय श्री श्याम, बोलो जय श्री श्याम,

जय श्री श्याम, बोलो जय श्री श्याम,

मोल लगे ना, कोई दाम,

जय श्री श्याम, बोलो जय श्री श्याम……

मोरवी के नंदन, जय श्री श्याम,

करे जग वंदन जय श्री श्याम,

भोग चढ़े छप्पन, जय श्री श्याम,

लोग करे कीर्तन, जय श्री श्याम,

जय श्री श्याम, बोलो जय श्री श्याम,

जय श्री श्याम, बोलो जय श्री श्याम,

मोल लगे ना, कोई दाम,

जय श्री श्याम, बोलो जय श्री श्याम……

तेरी छवि निहारी, जय श्री श्याम,

आये शरण तिहारी, जय श्री श्याम,

कलियुग अवतारी, जय श्री श्याम,

पड़े दुष्टों पे भारी, जय श्री श्याम,

जय श्री श्याम, बोलो जय श्री श्याम,

जय श्री श्याम, बोलो जय श्री श्याम,

मोल लगे ना, कोई दाम,

जय श्री श्याम, बोलो जय श्री श्याम…….

खाटू नरेश हैं, जय श्री श्याम,

शक्ति अशेष है, जय श्री श्याम,

है महादाता, जय श्री श्याम,

भाग्यविधाता, जय श्री श्याम,

जय श्री श्याम, बोलो जय श्री श्याम,

जय श्री श्याम, बोलो जय श्री श्याम,

मोल लगे ना, कोई दाम,

जय श्री श्याम, बोलो जय श्री श्याम………

खाटू वाले, जय श्री श्याम,

बड़े कृपालु, जय श्री श्याम,

श्याम धणी मेरे, जय श्री श्याम,

बिगड़ी बनी मेरी, जय श्री श्याम,

जय श्री श्याम, बोलो जय श्री श्याम,

जय श्री श्याम, बोलो जय श्री श्याम,

मोल लगे ना, कोई दाम,

जय श्री श्याम, बोलो जय श्री श्याम……..

घटोच्कच्छ लाला, जय श्री श्याम,

दीन दयाला, जय श्री श्याम,

बड़े दिल वाला,जय श्री श्याम,

देव निराला, जय श्री श्याम,

जय श्री श्याम, बोलो जय श्री श्याम,

जय श्री श्याम, बोलो जय श्री श्याम,

मोल लगे ना, कोई दाम,

जय श्री श्याम, बोलो जय श्री श्याम…..

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।