कृपा की पूंजी सांवरे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

सांवरे, साँवरे,

कृपा की पूंजी सांवरे,

डाल दे मेरे खाते में,

हालात डांवाडोल हैं

और व्यापार है,

मेरा घाटे में,

कृपा की पूंजी सांवरे,

डाल दे मेरे खाते में......

सेठ मेरा साहूकार तू मेरा,

तुझ संग चले उधार है मेरा,

ब्याज अदा कर दूंगा तेरा,

मंदिर आते जाते मैं,

कृपा की पूंजी,

कृपा की पूंजी सांवरे,

डाल दे मेरे खाते में......

मनचाही मनवाले शर्तें,

कागज पे लिखवाले शर्तें,

ताकि कोई फर्क ना आये,

लेन देन में मिल बांटे में,

कृपा की पूंजी,

कृपा की पूंजी सांवरे,

डाल दे मेरे खाते में......

जो तू कहे वो बात करूँगा,

पूजा तेरी दिन रात करूँगा,

मंदिर तेरा बनवाऊंगा,

अपने दिल के अहाते में,

कृपा की पूंजी,

कृपा की पूंजी सांवरे,

डाल दे मेरे खाते में......

तुझ से मेरा इक रिश्ता है,

जिस नाते मेरा हक बनता है,

चाहे तेरा दास हूँ फिर भी,

देता हूँ नाते तेरा नाते में,

कृपा की पूंजी,

कृपा की पूंजी सांवरे,

डाल दे मेरे खाते में......

सांवरे, साँवरे,

कृपा की पूंजी सांवरे,

डाल दे मेरे खाते में,

हालात डांवाडोल हैं

और व्यापार है,

मेरा घाटे में,

कृपा की पूंजी सांवरे,

डाल दे मेरे खाते में.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।