चोला तेरा बड़ा ही कमाल दातिए

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

चोला तेरा बड़ा ही कमाल दातिए,

चोला तेरा बड़ा ही कमाल दातिए,

जग से न्यारा निराला बेमिसाल दातिए,

देख के इसकी लाली तेरे तेरे लालो का दिल डोला,

चोला तेरा बड़ा ही कमाल दातिए....

ब्रह्मा ने विष्णु से पूछा विष्णु जी ने शंकर से,

नदियों ने पर्वत से पूछा और धरती ने अंबर से,

सूरज ने चँदा से पूछा चँदा मां से बोला,

चोला तेरा बड़ा ही कमाल दातिए.....

किस किस्मत वाले ने दाती चोला तुझे चढ़ाया है,

कौन है जिसने तारों की झिलमिल से इसे सजाया है,

किसने पावन गंगा जल से रंग गुलाबी घोला,

चोला तेरा बड़ा ही कमाल दातिए.....

जिसके रंग में रंगी है दुनिया तेरा चोला कौन रंगे,

तेरी माया तू ही जाने तेरा चोला कौन रंगे,

लालो का ही रंग है इसमें भेद ये मां ने खोला,

चोला तेरा बड़ा ही कमाल दातिए.......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।