सारी रात तेरे गुण गाऊं

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

सारी रात तेरे गुण गाऊं, तेरे गुण गाऊं,

के अम्बे मुझे देदे शक्ति,

नंगे पाँव तेरे मंदिरो में आऊं, मैं मंदिरो मैं आऊं,

के अम्बे मुझे देदे शक्ति,

सारी रात तेरे गुण गाऊं.....

शेरोवाली माँ के भक्तो रस्ते बड़े लम्बे है,

ऊँचे पहाड़ो में रहती मेरी माँ अम्बे है,

ख़ुशी-ख़ुशी से चढ़ाई चढ़ जाऊं, चढ़ाई चढ़ जाऊं,

के अम्बे मुझे देदे शक्ति,

सारी रात तेरे गुण गाऊं.....

शेरोवाली करती है शेरो की सवारी माँ,

तेरे बाहुबल से मैं जाऊं बलिहारी माँ,

तेरे चरणों में नैन विछाऊं, मैं नैन बीछाऊं,

के अम्बे मुझे देदे शक्ति,

सारी रात तेरे गुण गाऊं.....

तेरे हाथो में मैया सबकी तकदीर है,

दिल में हमारे मैया तेरी तस्वीर है,

मैं जहाँ भी नजरे घुमाऊं, मैं नजरे घुमाऊं,

के अम्बे मुझे देदे शक्ति,

सारी रात तेरे गुण गाऊं.....

सपने में मैया रानी तुमको पुकारूँ मैं,

उठ के सवेरे तेरी आरती उतारूं मैं,

तेरे नाम की मैं कंजके बिठाऊं, मैं कंजके बिठाऊं,

के अम्बे मुझे देदे शक्ति,

सारी रात तेरे गुण गाऊं.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।