श्याम मेरे ने रेल बनाई डब्बे रंग बरेंगे

पारंपरिक
हनुमान जी भजन कृष्ण भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

श्याम मेरे ने रेल बनाई डब्बे रंग बरेंगे,

बैजो बैजो भगतो गड्डी वृंदावन नु चले....

आके बैगे भोला भंडारी,

नाल बैगी गौरा प्यारी,

गौरा दी गोदी विच देखो,

गणपति जी सजे,

बैजो बैजो भगतो.......

आके बैगे राम चन्द्र जी,

नाल बैगी सीता प्यारी,

राम सीता दे नाल देखो,

हनुमान जी सजे,

बैजो बैजो भगतो.......

आके बैगे बांके बिहारी,

नाल बैगी राधा प्यारी,

श्याम राधा दे नाल देखो,

सुदामा भाई सजे,

बैजो बैजो भगतो.......

आके बैगे सतगुरु प्यारे,

नाल बैगी संगत सारी,

संगत दे हाथ विच देखो,

ढोलक चिमटा बजे,

बैजो बैजो भगतो.......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।