हारा वालेया मेरे अंदर अंधेरा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

हारा वालेया मेरे अंदर अंधेरा,

चानन कर दिखला दे, मेरे अंदर अंधेरा....

बचपन आया खेल गवाया,

नाम ना जपया तेरा, मेरे अंदर अंधेरा,

हारा वालेया.....

आई जवानी बड़ी मस्तानी,

बिच्छू ने घेरा पाया, मेरे अंदर अंधेरा,

हारा वालेया.....

आया बुढ़ापा बड़ा लालची,

रोगा घेरा पाया, मेरे अंदर अंधेरा,

हारा वालेया.....

अंदर वड वड लाइया समाधिया,

श्याम नहीं लबदा मेरा, मेरे अंदर अंधेरा,

हारा वालेया.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।