वो हैं गणपति गजानन

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

होता है हर काज का आरम्भ,

जिनके नाम से शुभारम्भ,

वो हैं गणपति गजानन,

जय जय गणपति गजानन,

जय जय गणपति गजानन.....

प्रदक्षिणा कर मात पिता की,

दिया जिन्होंने उन्हें सम्मान,

वो हैं गणपति गजानन,

जय जय गणपति गजानन,

जय जय गणपति गजानन....

होता है हर काज का आरम्भ....

सकल जगत के पालनहारी,

जगत सारा जिनकी संतान,

वो हैं गणपति गजानन,

जय जय गणपति गजानन,

जय जय गणपति गजानन....

होता है हर काज का आरम्भ.....

मसी किया समुद्र जिन्होंने,

रच दिया ग्रंथ महान,

वो हैं गणपति गजानन,

जय जय गणपति गजानन,

जय जय गणपति गजानन.....

होता है हर काज का आरम्भ.....

प्रथम देव प्रथम पूजनीय,

जिनके चरणों में जहान,

वो हैं गणपति गजानन,

जय जय गणपति गजानन,

जय जय गणपति गजानन.....

होता है हर काज का आरम्भ....

©राजीव त्यागी नजफगढ़

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।