कभी संवारे तू मेरे घर में आ जाना,

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

कभी संवारे तू मेरे घर में आ जाना,

तू नही मगर फिर भी तू पास है,

बात हो कोई भी तेरी ही बात है,

तू ही मेरे अन्दर है तू ही मेरे बहार है,

जबसे तुज्को जाना है मैंने अपना माना है,

मगर यहाँ से आके ना यहाँ से जाना तू

रात दिन भी मेरी दिल कछी तुमसे है,

ज़िन्दगी की कसम ज़िन्दगी तुमसे है,

तू ही मेरे आंखे है सुने तनहा रहो में,

चाहे जितनी दुरी हो तुमहो मेरी यादो में,

मगर यहाँ से के ना यहाँ से जाना तू

कभी संवारे तू मेरे घर में आ जाना,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।