साँईं के दर पे जो आया

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन साईं भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

साँईं के दर पे जो आया,

जिसने जो चाहा वो पाया,

हुई है खता क्या साँईँ,

क्यों तुमने मुझको भुलाया?

साँईं राम.... साँईँ श्याम.....

दर पे साँई के जो भी आये,

दर से खाली कभी ना वो जाए,

दर से खाली कभी ना वो जाए,

झोली खाली लाये वो लेकिन,

झोली भर कर के वो लेके जाए,

साँई के दर पे जो आये......

साँईं राम.... साँईँ श्याम.....

मैं बालक साँई तेरा

दर पे अपने तू मुझको बुलाले,

गलतियाँ माफ कर दे तू मेरी,

तू गले से अपने लगा ले,

साँई के दर पे जो आये......

साँईं राम.... साँईँ श्याम.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।