करले चिन्तन छोड़ दे चिंता

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॥ पावन पाठ ॥

करले चिंतन, छोड़ दे चिंता, बाबोसा के हाथ मे,

बनके पिता वो, तेरी चिंता हरगे, बैठे है तेरे साथ मे - 2

करले चिंतन.....

चिंता ही बनती चिता, करले जरा विचार,

हर मुश्किल तेरी हल होगी, बाबोसा के द्वार,

तू मन को मोड़ले, ये रिस्ता जोड़ले,

बदल जाएगी ये किस्मत, तेरी बस एक ही रात में,

करले चिंतन.....

बाबोसा के रूप में, मिले हमे बाईसा,

प्यार लुटाती भक्तो पर, हरपल हमेशा,

ये प्रेम की है गागर, करुणा की सागर,

ये ममता की मूरत है, जो रहती सदा ही साथ मे,

करले चिंतन.....

निर्बल को बल देते है, बाबोसा भगवान,

धनहीन को धन देते है, दंपति को संतान,

हाथों को जोड़कर, तू इनका ध्यान धर,

"दिलबर" खुल जाये किस्मत, बस दर्शन करने से,

करले चिंतन.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।