झूलन चलो हिडोलना वृषभानु नंदनी

मृदुल कृष्ण गोस्वामी जी महाराज
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

झूलन चलो हिडोलना वृषभानु नंदनी,

सावन की तीज आई नवधोर घटा छाई,

मेघन झड़ी लगाई,पड़ी बूँद मंदिनी,

झूलन चलो हिडोलना वृषभानु नंदनी,

सुन्दर कदम की ढाली झुला पड़ा है प्यारी,

देखो उम्र किशोरी सब दुःख निकंजनी,

झूलन चलो हिडोलना वृषभानु नंदनी,

पहरों सुरंग सारी,मानियो विनय हमारी,

मुखचाँद की उजीहारी,मृधभाश नंदनी

झूलन चलो हिडोलना वृषभानु नंदनी,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।